Ye Zamane Ki Wafaye Mere Kaam Ki Nahi - Sad Love shayri
ये ज़माने की वफ़ाएं मेरे काम की नहीं,
मुझे उसकी वफ़ा चाहिए किसी आम की नहीं,
ये तमाम मुस्कुराहटें दोस्त किसी दाम की नहीं ।
मुझे उसकी वफ़ा चाहिए किसी आम की नहीं,
उसकी तो एक मुस्कान भी अनमोल थी मेरे लिए...
Ye Zamane Ki Wafaye Mere Kaam Ki Nahi - Sad Love shayri
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