Ek Shukun Ki Talash me Na ajne Kitni Bechaini Paal Li
" एक सुकून कि तालाश मे,
ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल लीं...
और लोग कहते हैं,
हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली... ! " 🙏
ना जाने कितनी बेचैनियाँ पाल लीं...
और लोग कहते हैं,
हम बड़े हो गये और ज़िन्दगी संभाल ली... ! " 🙏
Ek Shukun Ki Talash me Na ajne Kitni Bechaini Paal Li
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12:12 PM
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