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हर नजर में मुमकिन नहीं है,बेगुनाह रहना

हर नजर में मुमकिन नहीं है,बेगुनाह रहना...

कोशिश ये करें कि खुद की नजर में बेदाग रहें...!
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हर नजर में मुमकिन नहीं है,बेगुनाह रहना हर नजर में मुमकिन नहीं है,बेगुनाह रहना Reviewed by ADMINISTRATOR on 12:13 PM Rating: 5

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