Jab Chhut Hi Jana Hai Ek Din Sabkuch
जब छूट ही जाना है एक दिन सबकुछ
तो क्यूं ना छोड़ दूं आज ही सबकुछ
उसी पल लुट गया था दिल का सबकुछ
तो क्यूं ना छोड़ दूं आज ही सबकुछ
ख़्वाहिशें पूरी हो जाय तो मिट जाती है
जो अधूरी है उसी में तो रखा है सबकुछ
जो अधूरी है उसी में तो रखा है सबकुछ
आईना झूठी तसल्ली ही मुझे देता है
कि मेरे रूप में छुपा है मेरा सबकुछ
जिस पल हमको मुहब्बत हुई थी तुमसेकि मेरे रूप में छुपा है मेरा सबकुछ
उसी पल लुट गया था दिल का सबकुछ
Jab Chhut Hi Jana Hai Ek Din Sabkuch
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8:43 PM
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