Aos ki Bunde Hai Ankho Me Nami Hai
ओस की बूंदे है,
आंख में नमी है,
ना उपर आसमां है
ना नीचे जमीन है
ये कैसा मोड है
जिन्दगी का जो लोग खास है
उन्ही की कमी हैं ”
आंख में नमी है,
ना उपर आसमां है
ना नीचे जमीन है
ये कैसा मोड है
जिन्दगी का जो लोग खास है
उन्ही की कमी हैं ”
Aos ki Bunde Hai Ankho Me Nami Hai
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12:38 PM
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