Pehchan Kaha Ho paati hai Ab Insaano Ki
पहचान कहाँ हो पाती है,
अब इंसानों की ।
अब तो गाड़ी,
कपडे लोगों की,
औकात तय करते हैं।
अब इंसानों की ।
अब तो गाड़ी,
कपडे लोगों की,
औकात तय करते हैं।
Pehchan Kaha Ho paati hai Ab Insaano Ki
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8:52 PM
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